बेलारूस एक ऐसा देश है जो न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां होने वाले विविध और जीवंत त्योहार भी इसकी पहचान हैं। हाल के वर्षों में, बेलारूस ने पारंपरिक उत्सवों को आधुनिक रूप देकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है। 2025 की शुरुआत से ही इन आयोजनों में स्थायित्व, लोक संस्कृति, संगीत और भोजन का मेल देखा गया है। इसके साथ ही, देश में सांस्कृतिक राजनय को बढ़ावा देने वाले त्योहारों की संख्या में वृद्धि भी देखी जा रही है। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय कलाकारों और व्यवसायों को वैश्विक मंच पर पेश करने का मौका मिल रहा है। बेलारूस की सरकार भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इन आयोजनों में डिजिटल भागीदारी, हेरिटेज लिस्टिंग और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों को शामिल कर रही है, जो भविष्य में इन उत्सवों की प्रासंगिकता और वैश्विक पहुंच को और बढ़ाएगा।
स्लाविक बाज़ार (Slavianski Bazaar) – संगीत का एक वैश्विक संगम
स्लाविक बाज़ार बेलारूस का सबसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय कला उत्सव है जो हर साल वाइट्सबस्क शहर में जुलाई में आयोजित होता है। यह उत्सव पूर्वी यूरोपीय देशों की सांस्कृतिक साझेदारी को मनाने के लिए जाना जाता है। यहां आपको स्लाविक देशों के अलावा एशिया, अमेरिका और यूरोप से आए प्रतिभागियों का रंगारंग संगीत प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, जिससे यह संगीत प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया है। इस त्योहार का एक विशेष आकर्षण है बच्चों के लिए आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता और पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत नृत्य। संगीत से भरपूर यह आयोजन युवा प्रतिभाओं को विश्व मंच पर लाने का एक बड़ा अवसर भी प्रदान करता है।
माशेकोविया ओपन – लोक विरासत का जीवंत जश्न
“माशेकोविया ओपन” त्योहार मोगिल्योव क्षेत्र में आयोजित किया जाता है और यह बेलारूस की पारंपरिक लोक कला और शिल्प कौशल को प्रदर्शित करने के लिए जाना जाता है। यह त्योहार गर्मियों के मौसम में आयोजित होता है, जहाँ देशभर से शिल्पकार, कलाकार, नर्तक और रसोइए अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करते हैं।
यहां लोक संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया जा सकता है। दर्शकों को भी कई प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है जिससे यह एक सहभागितापूर्ण उत्सव बन जाता है। इस उत्सव का उद्देश्य पारंपरिक बेलारूसी जीवनशैली को संरक्षित और बढ़ावा देना है।
कुपाल्ले (Kupalle) – प्राचीन परंपराओं का रातभर चलने वाला उत्सव
कुपाल्ले, जिसे सेंट जॉन नाइट भी कहा जाता है, बेलारूस का एक पारंपरिक ग्रीष्मोत्सव है जो जून के अंतिम सप्ताह में मनाया जाता है। यह उत्सव पेगन परंपराओं से जुड़ा है और इसमें आग, जल और प्रेम के तत्व प्रमुख होते हैं। युवा जोड़े नदी में फूलों की माला बहाते हैं और रात भर जलती हुई आग के चारों ओर नृत्य करते हैं।
कुपाल्ले न केवल धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि यह आज की पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का भी कार्य करता है। ग्रामीण इलाकों में मनाया जाने वाला यह त्योहार लोक संगीत, खेल, परंपरागत पोशाक और बंधुत्व का प्रतीक बन चुका है।
बायोथलॉन फेस्टिवल – खेल, संगीत और आनंद का संगम
यह अनोखा त्योहार मिन्स्क क्षेत्र में आयोजित होता है और यह बेलारूस के खेलप्रेमियों के लिए एक विशेष आयोजन होता है। बायोथलॉन यानी स्कीइंग और शूटिंग की प्रतियोगिता के साथ-साथ लाइव म्यूजिक कंसर्ट्स और फ़ूड स्टॉल्स का आयोजन इसको अनोखा बनाता है।
इसमें भाग लेने वाले स्थानीय खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय एथलीट, दर्शकों को खेल और मनोरंजन का अद्भुत अनुभव देते हैं। यह उत्सव परिवारों के लिए भी आदर्श होता है क्योंकि यहां बच्चों के लिए विशेष गतिविधियाँ और मनोरंजन की भी व्यवस्था होती है।
बुलबा फेस्ट – आलू प्रेमियों का रंगारंग महोत्सव
बेलारूस को आलू की भूमि कहा जाता है और “बुलबा फेस्ट” इस नाम को सार्थक बनाता है। यह उत्सव बेलारूस के प्रमुख खाद्य उत्पाद आलू को समर्पित है और इसमें आलू से बनी सैकड़ों डिशेज़ पेश की जाती हैं। साथ ही पारंपरिक व्यंजनों की प्रतियोगिताएं, लाइव कुकिंग शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं।
इस उत्सव में खाद्य प्रेमी, शेफ और पर्यटक बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। बेलारूसी व्यंजनों में विविधता को जानने और चखने का यह एक बेहतरीन मौका होता है। स्थानीय किसानों और रसोइयों को भी अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच मिलता है।
शहरी कला महोत्सव – मिन्स्क की दीवारों पर जीवंतता
मिन्स्क शहर हर साल शहरी कला उत्सव का आयोजन करता है, जिसमें स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकार भाग लेते हैं। दीवारों पर बनाए गए भित्तिचित्र, कला इंस्टॉलेशन और स्ट्रीट परफॉर्मेंस इस महोत्सव की प्रमुख विशेषताएं हैं।`
इस त्योहार का उद्देश्य कला के ज़रिये सामाजिक संवाद को बढ़ावा देना है। साथ ही, यह युवाओं को रचनात्मकता के माध्यम से अभिव्यक्ति करने का मंच भी प्रदान करता है। मिन्स्क की दीवारें इस दौरान जीवन से भर जाती हैं और यह शहर को एक ओपन-एयर म्यूजियम में बदल देता है।
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